Wednesday, September 7, 2011

आखिर हम बंगलादेश से हार गए


मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार भारत और बांग्‍लादेश के बीच सीमा जमीन समझौता हुआ है। इसके तहत 111 एनक्‍लेव बांग्‍लादेश को सौंपे जाएंगे और भारत की करीब 600 एकड़ जमीन बांग्‍लादेश की हो जाएगी। भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बांग्‍लादेश यात्रा के दौरान इस बारे में समझौता हुआ है। भारत में इस समझौते का विरोध तय है, क्‍योंकि प्रधानमंत्री के रवाना होने से ठीक पहले असम गण परिषद के नेताओं ने उनसे मांग की थी कि भारत की एक इंच जमीन भी बांग्‍लादेश को नहीं दी जानी चाहिए।

मनमोहन सिंह मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर बांग्‍लादेश पहुंचे। पीएम के सलाहकार ने विशेष विमान में बताया कि दोनों देशों के बीच तीस्‍ता जल बंटवारे को लेकर कोई समझौता नहीं होगा।
ढाका पहुंचने पर प्रधानमंत्री के स्‍वागत के लिए एयरपोर्ट पर बांग्‍लादेश की पीएम शेख हसीना मौजूद थीं। एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। वहां भारतीय प्रधानमंत्री को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया और 21 बंदूकों की सलामी दी गई। इस मौके पर दोनों देशों के राष्‍ट्रीय गान बजे। मनमोहन सिंह सफेद बीएमडब्‍ल्‍यू में सवार होकर ढाका एयरपोर्ट से निकले।

बांग्‍लादेश के एक मंत्री ने दावा किया था कि पीएम मनमोहन सिंह के बांग्‍लादेश दौरे के समय तीस्‍ता जल बंटवारे को लेकर दोनों देशों के बीच एक समझौता किया जाएगा। इससे नाराज पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पीएम के साथ बांग्‍लादेश जाने से इनकार कर दिया था।
हालांकि पीएम ने इन खबरों का खंडन किया है कि ममता बनर्जी इस बात को लेकर नाराज हैं कि तीस्‍ता समझौते के तहत बांग्‍लादेश को 33 हजार क्‍यूसेक पानी दिया जा रहा है। पीएम के विशेष विमान पर मौजूद एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि बांग्‍लादेश के दौरे पर जल समझौते को लेकर कोई आखिरी फैसला नहीं किया गया है। हालांकि उन्‍होंने कहा कि यह समझौता अभी खत्‍म भी नहीं हुआ है और भारत सरकार इस मसले का हल निकालने पर काम कर रही है।

मनमोहन सिंह के साथ 136 सदस्‍यों का प्रतिनिधिमंडल बांग्‍लादेश के दौरे में आया है। यात्रा के दौरान सीमा विवाद को सुलझाने सहित व्यापारिक रिश्ते सुधारने, पारगमन की सुविधा पर चर्चा और नदी जल बंटवारे को अंतिम रूप दिए जाने की सम्भावना है। प्रधानमंत्री के साथ असम, त्रिपुरा, मेघालय और मिजोरम के मुख्यमंत्री भी बांग्लादेश पहुंचे हैं।

5 comments:

  1. p.m.ko desh ka tukada dene ka hak hai kya ???????mujhe to nahi lagta ki dena chahiye

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  2. विचारणीय आलेख .....!

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  3. कृपया वर्ड वेरिफिकेशन हटा लें ...टिप्पणीकर्ता को सरलता होगी ...

    वर्ड वेरिफिकेशन हटाने के लिए
    डैशबोर्ड > सेटिंग्स > कमेंट्स > वर्ड वेरिफिकेशन को नो NO करें ..सेव करें ..बस हो गया .

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  4. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच-631,चर्चाकार --- दिलबाग विर्क

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