Tuesday, December 27, 2011

"अन्ना का अनशन"----एक सुपरहिट ड्रामे की श्रंखला

(मिलिए आतंकवादी यासीन मालिक और अन्ना जी से एक ही रजाई में )
मुख्य पात्र:-

कांग्रेसी "थिंक टेंक "एवं सोनिया मण्डली
दिग्विजय सिंह
अन्ना हजारे
बाबा रामदेव जी
भाई राजीव दीक्षित जी
विदेशी कंपनियों के भारतीय दलाल



इस नाटक की शुरुआत तब होती है जब स्वदेशी आन्दोलन के प्रखर प्रवक्ता राजीव दीक्षित जी भारत स्वाभिमान यात्रा के तहत गाँव गाँव जाकर लोगो को स्वदेशी और अपनी संस्कृति के बारे में लोगो को जागरूक कर रहे थे. विदेशी कंपनियों की लूट, कोल्ड ड्रिंक के रूप में ज़हर, पाश्चात्य दर्शन की और हमारा झुकाव और उसके दुष्परिणाम, हमारी आज़ादी का दुष्प्रचार जैसे कई विषयों पर उनके तर्कपूर्ण व्याख्यानों से विदेशी कंपनियों के दलाल और कांग्रेसी सरकार डर गयी थी
 
 
इसी यात्रा के सिलसिले में राजीव भाई एक बार रालेगन सिद्धि गए वाह उनकी मुलाकात श्री अन्ना हजारे जी से हुई राजीव भाई ने उनकी सामाजिक कार्यो में रूचि को देखकर उन्हें अपना मंच दिया और स्वामी रामदेव जी से मुलाकात करवाई, ३० नवम्बर २०१० को राजीव भाई की मौत (हत्या) हो गई |

उसके बाद स्वामी रामदेव जी महाराज ने भारत स्वाभिमान यात्रा करने का संकल्प लिया
हर तहसील जिले में जाकर वो अपना गला फाड़कर लोगो को समझाते की किस तरह ये कांग्रेस और विदेशी कंपनिया हमें लूट रही है लोग जागरूक होने लगे थे उन्हें पता चल गया था की इन कांग्रेस्सियो ने ५० सालो से देश को लूटकर स्विस बैंक में जमा कर रखा है |
 
बाबा योग के साथ साथ देशभक्ति की भी शिक्षा देने लगे थे ये कांग्रेसी सरकार को बर्दाश्त नहीं हो रहा था| इसी कारण से कभी बाबा का गुणगान करने वाली मीडिया और कांग्रेस ने बाबा की छवि ख़राब करने का प्रयास शुरू कर दिया था


 
दिनांक :- १४ नवम्बर २०१०

स्थान :- जंतर मंतर, दिल्ली


बाबा के मंच पर अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी, अन्ना हजारे, प्रसिद्ध वकील रामजेठमलानी जी और भ्रष्टाचार के सबसे बड़े दुश्मन डॉक्टर सुब्रमनिं स्वामी जी के साथ मौजूद काफी गणमान्य लोग कालेधन को वापस लाने की मुहीम में बाबा का साथ देने की अपील करते है तब कोई भी अन्ना और अरविन्द को पहचानता तक नहीं था बाबा उनका देश से परिचय करवाते है
 
दिनांक :- २७ फरबरी 2011

स्थान:- रामलीला मैदान, दिल्ली


बाबा के मंच पर मौजूद सभी लोग (with अन्ना) काला धन वापस लाने के लिए एक देशव्यापी आन्दोलन का आवाहन करते है| चूँकि बाबा की हर रैली किसी न किसी देशभक्त के जन्म दिवस या शहीद दिवस से सम्बंधित होती थी इसलिए २७ फरबरी (चन्द्र शेखर आज़ाद का शहीद दिवस) के बाद बाबा ने ४ जून(महाराणा प्रताप का जन्म दिवस) को काले धन को वापस लाने की मांग को लेकर आमरण अनशन करने की घोषणा की

२७ फरबरी के बाद शुरू हुआ षड़यंत्र=== 

कांग्रेस को बाबा को मिलता हुआ अपार जनसमर्थन देखकर डर लगने लगा था | उसे अपना असितत्व खतरे में दिखाई दिया तो उसने एक गेम प्लान किया--- बाबा और कालेधन की मांग को ब्रह्माण्ड में विलीन करवाने का षड्यंत्र रचा और उसी षड्यंत्र के तहेत कांग्रेस और अन्ना का मिलाजुला खेल शुरू हुआ |

दिनांक :- 5 अप्रैल 2011

स्थान :- जंतर मंतर


जनता के सामने एक नया हीरो अवतरित हुआ और एक नया मुद्दा, उस हीरो को अनशन पर बिठाया गया और इसका पूरा खर्चा उठाया कांग्रेसी सांसद नवीन जिंदल ने कांग्रेस के टुकडो पर पलने वाली मीडिया ने उसका खूब जोर शोर से प्रचार किया की वो एक ही दिन में जीरो से हीरो बन गया

दिनांक :- ४ जून 2011

स्थान :- रामलीला मैदान


२१ घंटे में ही कांग्रेसी साम्राज्य की नीव हिल गयी सरकार अपनी सभी साजिशो को असफल होता देखकर कांग्रेस ने ओरते बुजुर्ग और छोटे छोटे बच्चो पर लाठी चार्ज करवा दिया, जलियावाला बाग़ याद आ गया लोगो को बहिन राजबाला की हत्या भी की कांग्रेस ने, मीडिया ने बाबा के खिलाफ दुष्प्रचार करने में कोई कमी नहीं छोड़ी
  
इसी बीच ९ जून से १६ जून तक सोनिया और राहुल स्वीजरलैंड में अपना कला धन ठिकाने लगा आये बाद में जब स्विस बैंक के सीईओ ने ये रकम बताई तो वो ४०० लाख करोड से कम होकर २८० लाख करोड बची
अन्ना ने दिल्ली पुलिस की कायवाही के विरुद्ध एक दिन का सांकेतिक अनशन (ड्रामा) भी किया



दिनांक :-१६ अगस्त २०११

स्थान :- रामलीला मैदान


अन्ना का तीसरा अनशन शुरू अन्ना को ४ जून के EMOTION का फायदा मिला और लोग ड्रामा देखने जुटे इसी बीच सोनिया किसी गुप्त रोग का इलाज कराने अमेरिका चली गयी और सुनने में ये भी आया था की उन्होंने BLACK MONEY को GOLD में CONVERT कर लिया
अन्ना ने आन्दोलन के सफल बनाने केलिए सबका नाम लिया लेकिन बाबा और उस शहीद को भुला दिया जिसने आन्दोलन में अपनी जान दे दी क्योंकी वो बाबा रामदेव जी के भारत स्वाभिमान ट्रस्ट से जुड़ा था |

अन्ना ने ये कहकर अनशन तोड़ दिया की सरकार ने हमारी मागे मान ली सभी अंधभक्तो ने खूब एन्जॉय किया जबकी सचाई ये है कि, अन्ना और कांग्रेस दोनों ने मिलकर देश को उल्लू बनाया| पड़े रात को दिन कैसे कह दूं.....?
   

अग्निवेश ने अमरनाथ यात्रा को ढोंग कहा तो अन्ना शांत |

अग्निवेश ने कश्मीर के बिना भारत के नक़्शे के चित्र का अनावरण किया अन्ना फिर भी शांत |

अग्निवेश ने अन्ना को पागल हाथी कहा तो टीम से निकल दिया गया |

प्रशांत भूषण ने कश्मीर लोड़ने की बात कही और मेधा पाटेकर और संदीप पाण्डेय ने सेना के खिलाफ रैली निकाली | अन्ना जी मौन व्रत पर निकल पड़े,  क्यों?

कुमार विश्वास ने भगवन शिव और बाबा के खिलाफ अशोभनीय व्यंग किया "अकबर की तरह गए थे जोधा की तरह आये" यही बोला था न बाबा के लिए कुमार साहब ने | अन्ना जी मौन

संदीप पाण्डेय ने राष्ट्भाक्त संगटन आर एस एस की तुलना आतंकी संगठन से की, अन्ना जी मौन

किरण बेदी भ्रष्टाचार में लिप्त पायी जाती है और बाबा राम देव के लिए बोलती है "Baba Ramdev has a hidden agenda ."



११ दिसम्बर २०११ को भी एक अनशन ड्रामा किया गया और आज भी एक ड्रामा स्टार्ट होने वाला है|
ये अन्ना का जन लोकपाल बिल के लिए चौथा अनशन होगा लेकिन क्या हासिल हुआ पिछले तीन नाटको में

जहा से हमने चलना शुरू किया था वही खड़े है और अगर गहराई से सोचे तो और पीछे ही चले गए है अन्ना बार बार ड्रामा करके लोगो को उलझाये रखना चाहते है जबकी नारा होता है अबकी आर पार ये आर पार कब होगी शायद अन्ना भी नहीं जानते पर ड्रामा तो करना ही है क्योंकी गांधीवादी पार्टी यही चाहती है ताकि सबका ध्यान BLACK MONEY से हटाया जा सके
    
कुछ समय बाद कांग्रेस जन लोक पाल बिल पारित करा देगी .. इंतजार का फल मीठा होता है लोग अन्ना को भगवन की तरह पूजने लगेगे जो अन्ना कहेगे वही लोग करेगे चूंकि बिल कांग्रेस ने पारित करवाया इसलिए अन्ना कहेगे हम कांग्रेस सरकार के बहुत आभारी है और हमे सारे गिले शिकवे भूल जाना चाहिए चुकी अन्ना ये भी मानते है की भ्रष्टाचार में कांग्रेस के पास बेच्लोर डिग्री है तो बीजेपी के पास पीएचडी इसलिए अगर २०१४ के आम चुनावों में अन्ना कांग्रेस के पक्ष में वोटिंग करवाए तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए


जो सहमत है उनके लिए ये रियल स्टोरी है और जो असहमत है उनके लिए सिर्फ स्टोरी


Saturday, December 17, 2011

पाकिस्तान से आये हिन्दुओं पर टूटा यूपी पुलिस का कहर

माया का गुण्डाराजः
 
पाकिस्तान से आये हुये कुल 151 हिन्दुओं को दिल्ली पुलिस को सूचना देकर गाजियाबाद के एक मंदिर में ले जाकर पुर्नस्थापित किया जा रहा था। इसके लिये उ0प्र0 के पुलिस को पहले से ही सूचित भी कर दिया गया था। मगर अर्धरात्रि में मायावती के मुगलिया फरमान पर यू0पी0 पुलिस ने उन पिछड़े, दलित हिन्दुओं पर जो अति बर्बर, अति जघन्यतम कार्रवायी की उसकी जितनी भी निंदा की जाये कम है। इतना ही नही आधी रात को पुलिस उन सब पर निर्दयतापूर्वक टूट पड़ी, उनके सारे मोबाइल फोन आदि छीन लिये और उन्हें एक गाड़ी में भरकर अक्षरधाम नेशनल हाइवे पर कड़कड़ाती सर्दी में छोड़कर चले गये। इन पुलिस अधिकारियों को उनके महिलाओं और छोटे-छोटे बच्चों पर जरा भी दया नही आयी कि ये खुले आसमान में कैसे रात गुजारेंगे।
ज्ञात रहे कि ये वही पाकिस्तानी हिन्दू थे जो पिछले कयी महीने से दिल्ली के मजनूटीले पर शरण लिये हुये थे। ये पाकिस्तान से वीसा पर हिन्दू तीर्थस्थलों पर भ्रमण के लिये आये हुये थे और पाकिस्तान नही जाना चाहते थे। क्योंकि पाकिस्तान में इस्लामी मुस्लिम गुण्डे आये दिन इनसे जजिया कर मांगा करते थे, इनके मां-बहन और बेटियों के अस्मत से भी खिलवाड़ करते थे। इनके कयी रिश्तेदारों को तालिबानी गुण्डों ने बेरहमी से कत्ल कर दिया था।
 
अर्ध रात्रि में इन पाकिस्तानी हिन्दुओं के साथ अमानवीय कार्रवायी पर अखिल भारत हिन्दू महासभा के वरिष्ठ नेता डॉ0 संतोष राय ने उ0प्र0 सरकार के गृहसचिव कुंवर फतेह बहादुर सिंह से बातचीत की तो उन्होंने आधे घंटे का समय मांगा और मदद का आश्वासन दिया। मगर कुछ समय बाद उन्होंने पाकिस्तानी हिन्दुओं के प्रति अपनी संवेदना जताते हुये कहा कि हमें मैडम माया ने डांटा कि विधानसभा का चुनाव है, हम इस वक्त कुछ भी मदद नही कर सकते, हम इनकी चाहकर भी मदद न करने पर मजबूर हैं।
 
ये पाकिस्तानी हिन्दू पाकिस्तान से लूटपिट कर, वहां के बर्बर अत्याचर से मुक्ति की आस से यहां आये थे कि उनकी मातृभूमि भारत में उन्हें शरण मिलेगी मगर इनके साथ मैडम मायावती ने जो अमानवीय, जघन्यतम व्यवहार कराया वो कभी नही भूलाया जा सकता। ज्ञात रहे कि ये पाकिस्तानी हिन्दू दलित और पिछड़े समुदाय से हैं। हिन्दू महासभा ने इस घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुये कहा कि मायावती दलितों और पिछड़ों की घोर विरोधी है। गाजियाबाद के एसपी सिटी ने भी कहा कि इन पाकिस्तानी हिन्दुओं की मदद तो हम भी करना चाहते हैं मगर मुख्यमंत्री मायावती के आदेश के आगे हम कुछ नही कर सकते। यही नही गाजियाबाद पुलिस ने हिन्दू महासभा के नेताओं को धमकाते हुये कहा कि यदि इन हिन्दुओं को यहां से भगाने में आपसब लोगों ने व्यवधान डाला तो आप सबके उपर मुकदमा चलाया जायेगा।
 
एक उच्चाधिकारी ने अपना नाम छिपाते हुये कहा कि यदि ये मुस्लिम मजहब के होते तो माया हो या मुलायम या मैडम सोनिया सबके आंखों के ये तारे हो जाते। इन्हें यहां बसाया भी जाता और यहां की नागरिकता भी प्रदान की जाती जैसे कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बांग्लादेशी मुसलमानों के साथ किया था।

Monday, December 12, 2011

आकलन स्वयं विवेक से

सोचिये अगर देश की बागडोर  राहुल गाँधी ,दिग्विजय सिंह ,कपिल सिब्बल , उमर अब्दुल्ला , अन्ना हजारे या बाबा रामदेव जी के हाथ में दी जाए तो स्थिति क्या होगी :-

राहुल गाँधी :-
१-सभी १०वि पास/फेल युवकों को सनातक की डिग्री बांटी जायेगी साथ में ही विदेश की नागरिकता भी दी जायेगी |
२-समलैंगिगता को सरकारी और सामाजिक मान्यता दी जायेगी |
३-राष्ट्रीय सलाहकार केवल अंग्रेजो के गुलाम राज घराने से आये लोग होंगे |
४-भारत में  गरीबो को कांग्रेसी नेताओं के रहने और खाने का इंतजाम हर हाल में करना होगा |
५-राहुल गाँधी से सामान्य ज्ञान और राजनीति से सम्बंधित सवाल पूछने की सख्त मनाही होगी चाहे सवाल मिडिया के हो या आम जनता के ?||





दिग्विजय सिंह :-
१- आरएसएस पर प्रतिबन्ध लगेगा |
२-बाबा रामदेव ,अन्ना हजारे जेल में |
३-सारे साधू संतो को भगवा पहनने पर सजा का प्रवाधान |
४-भारत में सबसे अधिक बिक्री " बेस बैट " की हुआ करेगी |
५-सरकार के खिलाफ बोलने वालो को सड़क पर ही तत्काल सज़ा मिलेगी ||







कपिल सिब्बल :-
१-केवल कांग्रेस के लोग ही अपनी बात कह पायेगे ,विपक्ष को खत्म/कमजोर कर दिया जाएगा |
२-सोशल साईट पर सोनिया ,राहुल और कांग्रेस के गुण गाने वाले लोग ही आकाउंट खोलने और चलने के लिए स्वतंत्र होंगे विरोध में बोलने वालो को जेल नसीब होगी |
३-लाल गुलाब बाटने वाले लोगो को ढूंढ़ ढूंढ़ कर जेल में डाला जाएगा |
४-कपिल सिब्बल के चुनावी क्षेत्र में और कोई चुनाव नहीं लडेगा |
५-कपिल सिब्बल कभी भी कंही भी किसी पर भी प्रतिबन्ध लगाने के लिए स्वतंत्र होंगे |






उमर अब्दुल्ला :-
१-मीडिया में केवल उमर अब्दुल्ला के ही ब्यान आया करेगे |
२-खबरिया चैनल्स में केवल लडकिया काम करेगी और कम से कम कपडे पहन कर आने वाली लड़कियों को उमर अब्दुल्ला के साथ रहना होगा |
३-पकिस्तान को जम्मू कश्मीर दे दिया जाएगा और बाप फारुख अब्दुल्ला कश्मीर के वजीरे आज़म बना दिए जायेगे |
४-काफ़िरो को यानी हिन्दुओं को भारत में उसी तरहा खत्म किया जायेगा जैसे पकिस्तान और बंगलादेश से किया गया है |
५-सेना में केवल इस्लामिक जेहादियों को भर्ती किया जाएगा |




अन्ना हजारे :-
१-पाकिस्तानी आतंकी जब भारत पर हमला करेगे और पकडे जायेगे तो अन्ना गैंग उनके लिए न्याय की दूकान चलाया करेगे |
२-जब कभी भी संसद में विपक्ष शोर मचाएगा या अपनी कोई मांग उठाएगा तब अन्ना अपने स्वस्थ का हवाला देकर मौन पर चले जायेगे |
३-जब कभी भी कोई अन्ना गैंग के खिलाफ कुछ करेगा उसको खम्बे से बाँध कर पीता जाएगा |
४-चूँकि अन्ना के प्रधानमंत्री बनते ही जनलोकपाल बिल पास हो कर काम करने लगेगा तो अन्ना सारे सरकारी अनुदान अपने और अपने गैंग के एजीओ को दिया जाएगा क्योकि एजीओ को लोकपाल के दायरे में लाया नहीं जाएगा तो उन पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही होगी नहीं ,,, हो गयी तेरी बल्ले बल्ले ....
५-जब कभी भी विपक्ष काम रोको प्रस्ताव लाएगा अन्ना संसद के बहार अनशन पर बैठ जायेगे |







बाबा रामदेव जी :-
१-काला धन वापिस आयेगा देश के विकास में लगेगा और भारत पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित हो कर सोने की चिड़िया कहलाया जाने लगेगा |
२-सारे भ्रष्ट और कामचोर नेता ,अफसरों पर अंकुश लगेगा /सज़ा मिलेगी ||
३-उन सभी विदेशी कम्पनियों पर प्रतिबन्ध लगेगा जो पेप्सी ,कोक,जंक फ़ूड और अन्य स्वस्थ के लिए हानिकारक खाने पीने की वस्तुए बेचते है |
४-प्रत्येक भारतीय को योग और चरित्रवान बनने के गुण सिखाये जायेगे ,भारतीय सभ्यता और संस्कृति को योग और आयुर्वेद को महत्त्व दिया जाएगा |
५ -स्वदेशी वस्तुओं का उत्पादन करने उपयोग करने के लिए जनता को प्रेरित किया जाएगा जिससे अधिक व्यय रुके ,भारत का धन अधिक से अधिक भारत में ही रहे ,भारत का व्यक्ति आर्थिक रूप से मजबूत और शारीरिक रूप से प्रबल बनेगा |
६-देश में सामान कानून व्यवस्था और छोटे बड़े का भेद मिटाने के प्रायस किये जायेगे |
७-भारत पुनः अपनी खोयी हुयी साख और जनमानस में उच्च आचरण प्राप्त करेगा ||
८-पाश्चात्य संस्कृति के तीव्रता से बढती महामारी का इलाज़ संभव हो पायेगा |
९-गुरुकुल परम्परा और मान पुनः स्थापित हो पायेगा |
१०-शूरवीर क्रान्तिकारियों के सपनो का भारत स्थापित हो पायेगा जिसके लिए माँ भारती के लाखो लालो ने अपने प्राणों को अर्पित किया था  ||

आकलन कीजिये देश हित में कौन अधिक अच्छा कार्य कर सकता है ??
हालाकि मैं इन सभी को प्रधानमंत्री जैसे पद पर कभी भी नहीं देखना चाहूंगा किन्तु वर्तमान में इनके द्वारा किये जा रहे कार्यों के आकलन के लिए प्रधानमंत्री बनाने की बात को ध्यान में रखते हुए कुछ बिंदु सामने लाया हूँ ||

जय जय माँ भारती , जय जय सियाराम ||

जीत शर्मा " मानव "

Friday, December 9, 2011

अभियक्ति की स्वत्रन्त्रता पर सरकार के तानाशाही खिलाफ अनिशचितकालिन अनशन की इज़ाज़त रद्द और गिरफ्तार

(भगत सिंह क्रांति सेना के अध्यक्ष तजिंदर पाल सिंह बग्गा का फाइल चित्र)
देश की सरकार द्वारा जनता की आवाज को दबाने के लिए तुगलकी और तानाशाही फैसले किये जा रहे है. पहले से ही भ्रस्टाचार और  महंगाई से परेशान जनता पर इस तरह के नये नये फरमान सुनाना लगता है सरकार के लिए एक रोजाना कार्य बन गया है.लोगो के आवाज़ उठाने के तरीको और स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति पर लगाम लगाने की सरकार द्वारा कोशिशे लगातार चल रही है. और लोग अगर उसका संवेधानिक तरीको से विरोध करते है तो उन्हें गिरफ्तार किया जाता है और उन पर मुकदमे दर्ज किये जाते है जो की भारतीय सविधान की मर्यादा को तार तार करने का प्रयास  है. और हम इसका खंडन,निंदा और कड़ी भर्त्सना करते है.

लगभग 3-4 दिन पहले मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल जी द्वारा सोशल नेटवर्किंग साइट्स फेसबुक और ट्विटर पर अंकुश लगाने का प्रयास करना इस तानाशाही रविये का एक नमूना है. और जनता में इस चीज का भारी रोष,आक्रोश और गुस्सा है.और इस आक्रोश को शातिपूर्वक प्रगट करने जब भगत सिंह क्रांति सेना के कार्यकर्त्ता  कपिल सिब्बल जी के घर गुलाब और गेट वेल सून के कार्ड लेकर गये तो उन्हें बलपूर्वक गिरफ्तार किया गया और उनके ऊपर मुकदमा दर्ज किया गया. शांतिपूर्वक विरोध करने के प्रयास को सरकार द्वारा इस प्रकार कुचलना लोकतंत्र की हत्या करने के सामान है और देश को आघोषित आपातकाल की याद दिला रहा है. भगत सिंह क्रांति सेना पर ही नहीं उसके अलावा श्री अन्ना हजारे जी और इंडिया अगेंस्ट करप्शन  के 100 से ज्यादा लोगो पर भी इसी प्रकार से तानाशाही तरीके से केस दर्ज किये गये है. अभीव्यक्ती की स्वतंत्रता को कुचलने की सरकार के इस प्रयास का भगत सिंह क्रांतिकारी सेना विरोध करने के लिए 9 दिसम्बर प्रात: 11 बजे से अनिशित्कालिन अनशन पर बैठ रहे थी. जिसकी कानूनन इज़ाज़त ली गयी थी पर बिना किसी पूर्व सूचना के सरकार के दबाब में इज़ाज़त रद्द कर दी गयी और भगत सिंह क्रांति सेना के कर्येकर्ताओ को गिरफ्तार किया गया . भगत सिंह क्रांति सेना की सरकार से मांगे है.


1- सरकार द्वारा लोगो के मोबाईल पर लगाये गये एसएमएस सीमा के प्रतिबन्ध को वापस लिया जाये.कोई आपने निजी मोबाईल से अपने किसी परिचित को एक संदेश भेजे यां एक हजार इसकी सीमा सरकार नही तय कर सकती.इस प्रकार का फैसला लोगो की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलना है.


2-सोशल नेटवर्किंग साइट्स फेसबुक और ट्विटर ब्लॉग उपभोग्तायो पर कपिल सिब्बल द्वारा अंकुश लगाने की मांग करना भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलना है.हम मांग करते है कि सरकार कपिल सिब्बल के इस ब्यान को ख़ारिज करे और इस प्रकार के किसी भी फैसले को तुरंत वापिस ले


3- शांतिपूर्वक विरोध करने के प्रयास में इंडिया अगेंस्ट करप्शन  के 100 से ज्यादा लोगो पर जो मुकदमे दर्ज हुए है उन्हें वापिस लिया जाये.


4-कपिल सिब्बल के घर गुलाब का फूल और गेट वेल सून के कार्ड देने के आरोप में मेरे और जो भगत सिंह क्रांति सेना के बाकी लोगो पर मुकदमा दर्ज किया गया उन्हें वापिस लिया जाए.क्योंकि हमारा मानना है की हमने फूल देकर कोई कानून का उल्लंघन नही किया है और हमारे पर दर्ज किया गया मुकदमा केवल सरकार द्वारा जनता की आवाज़ को कुचलने का एक प्रयास है.

Wednesday, December 7, 2011

सोशल मीडिया पर ‘निगरानी’ का विरोध, सिब्‍बल के घर के बाहर प्रदर्शन

नई दिल्‍ली. सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कंटेंट की निगरानी करने और इन्‍हें हटाए जाने के उपाय ढूंढने के सरकार के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। संचार मंत्री कपिल सिब्‍बल ने आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर फेसबुक, गूगल, याहू और माइक्रोसॉफ्ट को चेतावनी दी थी कि वो यूजर्स के कंटेंट की निगरानी करें। सिब्‍बल के ऐलान के बाद बुधवार को उनके घर के बाहर प्रदर्शन हुए।


कपिल सिब्बल के दिमागी हालात जल्दी ठीक हो जाएँ इसके लिए तेजिंदर पाल सिंह बग्‍गा की अगुवाई वाली भगत सिंह क्रांति सेना के सदस्‍यों ने सिब्‍बल के घर के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ‘गेट वेल सून कपिल मामू’ के नारे लगा रहे थे। उन्हें गुलाब के फूल भेंट करने के लिए जाते हुए तजिंदर पाल सिंह बग्गा , विष्णु गुप्ता , शिव कुमार राघव और आशीष सिंह के साथ कई सारे क्रांतिकारीयो को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है सभी को चाणक्यपुरी थाने में ले जाया गया है और उन पर धारा 97  डी के तहेत केस बनाया गया बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया कल पटियाला कोर्ट में सुनवाई है| गौरतलब है कि बग्‍गा वही शख्‍स है जिसने कश्‍मीर पर बयान को लेकर टीम अन्‍ना के सदस्‍य और वरिष्‍ठ वकील प्रशांत भूषण की पिटाई कर दी थी।



Thursday, November 24, 2011

राहुल गाँधी के घर पर देशभक्तों ने माँगी भीख

(धनंजय सिंह प्रकृतिवादी का फाइल चित्र )
 
हम युपी के भिखमंगे हैं ! राहुल गाँधी भीख दो !!
वोट मांगने वाले भिखमंगे ! युपी वालों को भीख दो !!

... ... ... यह नारा लगते हुए काँग्रेस महासचिव राहुल गाँधी के आवास पर कल शाम करीब 6.30 पर देशभक्त नौजवानो ने भीख मांगकर प्रदर्शन किया! अनशन कर रहे नौजवानों ने कहा कि हम युपी वाले हैं ! हमें भीख दो तभी यहाँ से जायेंगे ! जब सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन नौजवानों ने कहा कि भिखमंगों को भीख देने की औकात नहीं है और उत्तर प्रदेश वालों को भिखमंगा बोलता है ! उतरप्रदेश की गली-गली में काँग्रेस के लोग भीख मांगते फिर रहे हैं और यह भिखमंगों का राष्ट्रीय महासचिव छुप कर दिल्ली में क्यों बैठा है ?

जब इन्होने भीख लिए बिना जाने से इनकार कर दिया तो पुलिस इन्हें गिरफ्तार कर थाने ले गयी ! उतरप्रदेश की जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे इन देशभक्त नौजवानों के नाम हैं :-
१. धनंजय सिंह प्रकृतिवादी
२. प्रबल प्रताप सिंह
३. मोहम्मद नौशाद एवम अन्य देश भक्त

इन सभी नौजवानों को इस महान उपलब्धि के लिए साधुवाद ! हार्दिक धन्यवाद !!

पहले भारतीये होने में शर्म आती थी अब युपी वाला होने में शर्म आती है ऐसे बबलू/अमूल बेबी को मौके पर चौका लगाकर औकात बताने वाले बहादुर नौजवानों का अभिनन्दन !

वन्दे मातरम

Wednesday, November 16, 2011

स्टिंग ऑपरेशन उन नेताओ का भी करो जो सरकारी खर्चे पर छुपकर अफजल गुरु को मिलने जाते है ।

अभी थोड़े दिवस पहले हमारे महान धर्म-निरपेक्ष राष्ट्र के स्वतन्त्र और तथाकथित निष्पक्ष मीडिया भूत-प्रेत चेनल इंडिया टीवी ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया, देश के एक महत्वपूर्ण हिस्से को पाकिस्तान को दे देने की राष्ट्रीय वकालत करने वाले को सुप्रीम कोर्ट के उसी के चेम्बर में जाके कूटने वाले देशभक्तों, (जो  विदेशी चंदे का गुलाम भारतीय सेकुलर मीडिया के लिए देशद्रोही है)  के खिलाफ एक फर्जी  स्टिंग ऑपरेशन किया गया जिसमे उन्हें देश का दुश्मन साबित करने की पुरजोर कोशिश की गयी | हमारी फौज के तोपों के मुह बंद है लेकिन मीडिया के केमरे आग उगल रहे है, एक क्रांति आ गयी हे, तथाकथित धर्म-निरपेक्ष राष्ट्र मे ? वाकई मीडिया दुवारा किये जा रहे राष्ट्रहित एवं भगवा धार्मिक सुधार कार्य स्वागत योग्य है, कम से कम धार्मिक सुधार की कोशिश की, लेकिन जब हम इन स्टिंग ऑपरेशन से परे थोड़े शांत हो कर सोचते है तो यह पाते है की सभी सुधार कार्य ( स्टिंग ऑपरेशन ) सिर्फ एक धर्म विशेष और देश भक्तो के खिलाफ ही क्यो ? आईये आज हम एसे ही एक मीडिया समाज सुधारक का साक्षात्कार मुफ्त में लेते है | शायद आपको पसंद आये !


प्र स्टिंग ऑपरेशन हमेशा एक धर्म विशेष के लिए ही क्यो ?

ये अंदर की बात है ताकि नेताओ से शाबाशी मिले। आजकल मीडिया “कोंपीटीशन” कितना बढ़ गया हे ना ? मार्केट मे बने रहने के लिए रिस्क लेना पड़ता है बॉस ।


प्र कभी ऐसे भी स्टिंग ऑपरेशन करो जहा कौनसी फलाना अभिनेत्री कौनसे सेक्स रेकेट मे लिप्त है, या पहले थी ? जो कभी कभी टी वी पर सच्चाई की बाते भी करती है, फिर “डील″ के ऊपर “डील साइन” करती है, पहले हजारो मे ? अब लाखों मे ?


नहीं, ऐसा नहीं कर सकते है, क्योकि इससे हमारे अभिनेताओ से संबंध खराब होते है, ये तो सभी को पता है, बताने की क्या जरूरत। वेसे भी नाम और “केरियर” खराब होगा उनका । अभी पिछले दिनों एक नौकरनी ने इज्जतदार अभिनेता पर बलात्कार के आरोप लगाए थे । आखिर सबको सच्चाई पता चल गयी ना ? (सबको पता है नौकरानी शायद करोड़ पति हो गयी होगी )


प्र कभी ऐसे भी स्टिंग ऑपरेशन करो जहा कौनसी मॉडल पैसो के लिए किस हद तक जाती है?, कौनसे कौनसे नशे के रेकेटों से जुड़ी है? ढोंगी स्वयंवर रचाने वाली पवित्र और तथाकथित “नाबालिग कन्याओं” को भी आपके पवित्र सुधारक पर्दे पर लाओ ?


नहीं, क्योकि इनके बिना बढ़िया रेटिंग नहीं मिलती ना, हमे उनके कार्यक्रम तो दिखाने पड़ते हे ना, वेसे भी इंडिया मे एक वर्ग एसा भी है जो यह भी नहीं जानता है की भारत का राष्ट्रपति कौन है लेकीन उसे यह जरूर पता है की फलाना सुपर स्टार कहाँ रहता है और उसकी कौनसी फिल्म आ रही है और वे झोपड्पट्टी मे भी टीवी जरूर देखते है, भले ही एक समय का खाना नसीब न हो ? उनका भी तो ख़्याल रखना पड़ता है ना ? और फालतू समय मे विज्ञापन लाने के लिए गाना बजाना / सब दिखाना होता है ना ? वेसे आपको इनसे क्या दुश्मनी है ? वे तो अपना केरियर बनाती है ना ? और वेसे भी वे सभी सेकुलर है आपकी तरह । (भले ही समाज से, युवाओ को उससे नुकसान हो, वे बिगड़ें, उन्हे कुछ भी हासिल न हो, सिवाय बरबादी के )


प्र अच्छा, क्या आप जनता को बताएँगे की कितनी अभिनेत्रियाँ, “आइटम गर्ल″, सेक्स रेकेटों और प्रोस्टिक्यूशन मे पकड़ी गयी और पुलिस के इतिहास मे वे दर्ज हो गयी, लेकिन मूर्ख जनता को आपने बताया ही नहीं। क्या ये समाज सुधार और सूचना अधिकार का हिस्सा नहीं है ? हर आदमी थोड़े ही rti के ऑफिस मे जाएगा ?


क्या मुसीबत है बार बार एक जेसे ही सवाल….। नहीं, क्योकि इससे उनकी बदनामी होगी और भविष्य और “केरियर” पर खतरा पड़ेगा और हमारे “बिज़नस” पर बुरा असर पड़ेगा ।


प्र कभी ऐसे भी ऑपरेशन करो जहा पर विदेशी कम्पनियाँ भी अवेध ( सरकारी हिसाब से वेध ) कारोबार मे शामिल हो कर मिलावटी और वस्तुए बाजार मे खपाती हो ? और ऊपर से वे ब्रांड और विज्ञापन का महंगा चोला लगाते है ( ताकि शुद्ध लगे ), लेकिन दुसरें शुद्ध काम कर के भी उतना मुनाफा नहीं कमा पाते या पकड़े जाते है !


अरे पागल हो गए हो, विदेशी कंपनियो पर केसे लांछन लगा सकते हो, उनसे तो हमे आमदनी होती है, हम विज्ञापनो के लिए किसी भी हद तक जा सकते है चाहे सुबह के समय मे धार्मिक प्रवचन के साथ साथ कोंडम की विज्ञापन हो, या शाम को परिवार के साथ मे मिल कर खाने के समय पैड के विज्ञापन हो (भले ही वे कंपनियाँ विज्ञापन मे मिलावट करती हो )


प्र कभी ऐसा भी बताओ जनता को की ये हमारे देश भक्त क्रिकेटर, और अभिनेता जो बड़े उपदेश देते फिरते है, टिप्पणियाँ करते है, जिसमे से कितनों ने घर पर ए-के ४७ राइफलों को भी नजदीक से देखा हो, और किसी ने तो भारत मे प्रतिबंदित जानवर का शिकार कर के खाया हो । भले ही वे कोक, पेप्सी, फेंटा, मिरिंडा, स्प्राइट, कॉलगेट, पेप्सोडेंट, वोक्स वेगन, हुंडाई, लक्स, डेटोल, जॉन्सन एंड जॉन्सन, लेज, कुरकुरे, बूस्ट, एडीडास जेसे विदेशी ब्रँडो के विज्ञापन करते हे । भले ही भारत मे साल मे २५० से अधिक घरेलू इकाइया बंद हो जाती हो । रास्ते पर आ जाते है स्वदेशी । तब इनकी देश भक्ति कहाँ जाती है । क्या उनको पता नहीं है इस विचार के बारें मे, लेकिन ऐसे भी लोग है इस देश मे जो पूरी उम्र स्वदेश की सेवा मे लगा देते है बिना बीवी बच्चो के, ऐशों आराम के, लेकिन वे गुमनाम ही रहते है पूरी उम्र… क्यो ?


“वॉट नॉनसेन्स”, अरे क्या तुम भी रूढ़िवादी हो, सांप्रदायिक ? जब जनता विदेशी समान खरीद रही है तो भला इन्हे विज्ञापन से क्या परेशानी है ? भैया ये लोग स्टार है और हम लोग इनकी पेरो की जुतिया, समझे । ये लोग जो करे वो हमे मानना पड़ेगा । जो बोले वह करना पड़ेगा । अरे भैया ये स्वदेश-विदेश सिर्फ फिल्मों के नाम के रूप मे अच्छे लगते है, क्या होता है ये स्वदेशी पालन ? यहा दुनिया ग्लोबल हो रही है और ये पूरी उम्र स्वदेश से जी लगाए फिरते है, खाओ पियो ऐश करो ! खुद खाओ दूसरों को खिलाओ ! एक बात और, स्टार हमसे और हम स्टार से है, हमारे बिना स्टार-विस्टार कुछ नहीं होता है ।


प्र अरे लेकिन सरकारी लेब ने तो यह सिद्ध कर दिया हे की ये कोल्ड ड्रिंक जहर है फिर भी ये लोग प्रचार करते है और देश भक्त बनते है, अरे ये कोल्ड ड्रिंक पानी का कितना पीने के पानी का कितना दुरपयोग करती है, और ये सेलेब्रिटी लोग “पानी-बचाओ” विज्ञापन करते है, भाई ये बात तो हमे हजम नहीं हुई |


अरे भाई तुम्हें इनसे क्या एलर्जी हे ? प्रश्न पूछना हे की नहीं, तो ऐसे प्रश्न मत ना पूछो हमे । मेरे पास समय कम हे ।


प्र अच्छा आप ऐसा स्टिंग ऑपरेशन करो जहां पर लड़कियां ग्रुप बना कर रेव / सेक्स / नशा पार्टियां करती है और मोबाइल मे पॉर्न फिल्मे रखती / देखती है। इससे तो समाज का और माँ बाप का काफी भला होगा ।


छोड़िए ना, ये तो सभी करते है, ये तो आजकल आम है, ये तो काम ये महिला आयोग का और पुलिस का है, और ये जवानी मे नहीं करेंगे तो बुढ़ापे मे करेंगे ? क्या आपने कॉलेज मे ऐसा नहीं किया होगा भला ? हमें तो ऐसी खबर दो जहा पर शराबी महिलाओ / लड़कियों की हिन्दू ग्रुप पिटाई कर रहे है ( इससे सरकार मे हमारा रुतबा बढ़ेगा ), मासूम, बिचारे और औरतों को छेड़ते हुए मनचलो की जनता पिटाई कर रही है । मॉरल पुलिस बनने का अधिकार सिर्फ हमे दिया है सरकार ने, तभी तो आजकल कम से कम घोटाले उजागर हो रहे है, अब हमारा काम स्टिंग ऑपरेशन कर के रेटिंग कमाना हे तो केसे भी कर के किसी न किसी का तो स्टिंग करना पड़ेगा ना ? तो हमने किसी धर्म विशेष को ही चुना जो बहुत सॉफ्ट है, जिसमे सब सेकुलर और उदार होते है, किसी को कुछ नहीं कहते है, एसी खबरों को खबरे कहते है। और इनके स्ट्रिंग ऑपरेशन करने के विदेशो से करोडो मिलते है


प्र क्या आप कॉमनवेल्थ के घोटालो का स्टिंग ऑपरेशन करेंगे ?


नहीं, नहीं, ये बहुत “सेंसिटिव्ह मेटर” है, देश का नाम बदनाम होगा |


प्र कभी किसी मिशनरिज केन्द्रो का भी स्टिंग ऑपरेशन करो, पता करो ना की वहाँ पर क्या चल रहा है और हर साल मे कितने हिन्दू से ईसाई बनाए जा रहें है ? उनके आगे के क्या क्या उद्येश्य है ? आगे कितना टार्गेट है, रोज रेलगाड़ियो मे कितने मिशनरियों को भेजा जाता है लोगो को उपदेश देने के लिए ?


नहीं उन्होने तो हमे न. 1 बनाया है, क्योकि हम उनके खिलाफ हमेशा अच्छी खबरें देते है, क्या आपको पता नहीं है ईसाइयो पर हमले हुए थे तब हमने उनका कितना दिल जीता था ? यही कारण हे की आजकल अँग्रेजी चेनलों की संख्या बढ़ रही है ( धर्म प्रचार को लेकर ) वेसे भी ये भी कोई महत्वपूर्ण विषय नहीं है, आजकल धर्मांतरण तो आम है। सेकुलरिस्म का हिस्सा है, सिंह से शाह, जमनालाल से जोसफ, लल्लू से लॉ, बबलू से बौबी. इसमे कैसी बुराई है ? दुनिया ग्लोबल हो रही है भाई साहब । कहाँ हो आप ? और फिर चर्च हमे पैसा देना बंद कर देगा भाई और मैडम की नाराजगी अलग |


प्र कभी उन आतंकवादी स्थलो का भी स्टिंग ऑपरेशन कर लिया करो जहा पर हमलो की योजनाए बनती है, जहा पर हथियारो के झखीरे है, दंगे मे अचानक कहाँ से ए-के ४७ राइफलें निकल आती है ? कभी इंडियन मुजाहिद्दीन जेसे और भी नेटवर्क का भी पर्दा फ़ाश करो ।


ये काम तो सुरक्षा एजेंसियो का है हमारा नहीं ! और उनमे हमारा कोई “फाइदा” नहीं है, उल्टा नुकसान है…. !…?? ( कोई विज्ञापन नहीं देगा रेटिंग गिर जाएगी, हमारी ) साउदी अरब पैसा देना बंद कर देगा सो अलग |


प्र ऐसे स्थानो का भी स्टिंग करो जहा पर जर्मन बेकरी के जैसे न जाने कितने षड्यंत्र होते है, और कसाब जेसे पहले से ही हथियारो के ढेर छुपाते है, आने से पहले ? माफ करना मैं मालेगांव के आरोपियों का नाम लेना भूल गया, नहीं तो मुझे कट्टर कहेंगे आप, मैं भी सेकुलर हूँ । सलमान खान की कसम ! सेकुलर हूँ मैं !


हमने कहाँ ना, ये तो सब काम सुरक्षा एजेंसियो का है ? हमे उनसे खतरा मोल नहीं लेना, हमारे अस्तित्व का प्रश्न है ।


प्र तो, ऐसे जगह स्टिंग ऑपरेशन कर के दिखाओ जहा पर किसी धर्म विशेष के लोगो को ही अनुमति है जनता को बताओ की वहाँ ऐसा क्या हो रहा है की वह स्थान दूसरे धर्म के लोगो के लिए प्रतिबंधित है, हिन्दू धार्मिक स्थल ( माफ करना बाकी धर्म स्थान ) तो सेकुलरिस्म की जीती जागती मिसालें होते है


नहीं हम ऐसा नहीं कर सकते ये बहुत “सेंसिटिव्ह मेटर” है, इससे उनकी धार्मिक भावनाए आहात होती है, वेसे भी वे सताये हुये, निर्दोष है । ये हमारे “स्ट्रेटेजी” मे नहीं है, इससे सिर्फ नुकसान ही नुकसान है, कोई दर्शक इसे पसंद नहीं करेगा । ( एसे मामलो मे देश पूरा सेकुलर हो जाता है )


प्र कभी कश्मीर के अलगाव वादी नेताओ का स्टिंग ऑपरेशन करो जो सरकारी खर्चे पर चुपके चुपके अफजल गुरु जेसे देश-भक्तो से मिलने जाते है


हमें सरकार ने अनुमति नहीं दी, ये काम सरकार का है किसको कब सजा देनी है ! वेसे भी अभी तक अफजल का जुर्म साबित नहीं हुआ है ? है ना ? और बेचारा कसब को तो मंद वश किया गया था |


प्र उन अंधेरे स्कूलों मे जहा सिर्फ रात मे ही उजाला होता है, स्टिंग ऑपरेशन करो उन देश द्रोहीयों का जो मुंबई पर हमले के तुरंत बाद रिस्वत-खोर , फिक्सरों, पाकिस्तानी खिलाड़ियो को याद करते है, उनका स्टिंग ऑपरेशन करो की वे उनसे कब और कहाँ बाते करते है ?


क्या बात कर रहे हो, बात ही तो की हे उन्होने कौनसा हमला कर दिया है, वे तो बड़े स्टार है, हमारे चेनल पर बड़े बड़े विज्ञापन उनके ही तो आते है, और हमें वे सपोर्ट करते है वे, वे तो सेकुलर हे, कौनसे देश-द्रोही है । क्या आपको दिखता नहीं वे टेक्स भरते है सरकार को, करोड़ों का, हमारी कितनी आमदनी होती है उनसे । हमें उनसे संबंध खराब नहीं करने है । हम उनसे है और वे हमसे !
….बहुत हो गया अब मुझे जाना है ! दूसरे बड़े मीडिया “ग्रुप” मे इंटरव्यू है मेरा आज, देर हो रही है


प्र बस एक प्रश्न, “सिर्फ” एक प्रश्न । 

प्र आप के सुबह सुबह के कार्यक्रम मे आने वाले ज्योतिष विद्वानो, फेंग शुई, वास्तु शास्त्र वालों का भी स्टिंग कीजिये ना ? उनमे से कितनों के ऊपर लेनदारी, ठगी और जमीन से जुड़े केस चल रहे है ?


????…. नहीं वे साफ होते है, हम तो उन्हे चुनी हुई पत्तियाँ की तरह और खास चुने हुए बगानों से हम चुन चुन कर लाते है, आप बकवास कर रहे है…… !

“आपका बहुत बहुत धन्यवाद सेकुलर मीडिया भाई ! जो हमे अच्छी अच्छी धर्म निरपेक्षता की बातें बताई हमे आपने नए तरीके से सिखाया की कैसे मिल बाँट कर धर्म निरपेक्षता और देश भक्ति की अंधी चादर ओढ़ कर कितने ही “इलीगल″ और एक वर्ग का प्यार हासिल करने उनको खुशी देने के लिए, रेटिंग हासिल करने के लिए भले ही दूसरे सॉफ्ट वर्ग की भावनाओ को ठेस पहुंचाने वाले कार्य आसानी से किए जा सकते है ।
वेसे भी एक चेनल को न १ की रेटिंग के लिए कितने करोड़ दर्शको, टीआरपी की जरूरत पड़ती है ज्यादा से ज्यादा १०-१५ करोड़ बस, तब तो यह काम आसान है, हर किसी को यह व्यवसाय करना चाहिए, कोई खतरा नहीं, सिवाय नाम, शोहरत, ऐश, पैसे पाने के
http://www.shreshthbharat.in/2010/09/13/interview-of-corrupt-indian-media/